प्रथम नवरात्र पूजा प्रथम शैलपुत्री ॐ अम्बेऽऽ मांऽ ऽ जय जगदम्बे ऽऽ मांऽऽ भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट क्षण में हर ले मां ॐ अम्बेऽऽ मांऽऽ जय जगदम्बेऽऽ मांऽऽ जय जगदम्बेऽऽ मांऽऽ जो ध्यावे फल पावे दुःख बिन से मन का मैया दुख बिन से मन का सुख सम्पति घर आवे सुख सम्पति घर आवे कष्ट मिटे तन का ॐ अम्बेऽऽ मांऽऽ जय जगदम्बेऽऽ मांऽऽ मात पिता तुम मेरी तो शरण गहूं किसकी मैय शरण गहूं किसकी तुम बिन और ना दूजा तुम बिन और ना दूजा आस करूँ जिसकी ॐ अम्बेऽऽ मांऽऽ तुम पूरण परमात्मिन तुम अंतरियामी मैया तुम अंतरियामी पार ब्रह्म परमेश्वरी पार ब्रह्म परमेश्वरी तुम सबके स्वामिन ॐ अम्बेऽऽ मांऽऽ तुम करुणा की सागर तुम पालन करता मैया तुम पालन करता मैं मूरख खलकामनी मैं सेवक तुम स्वामिनी कृपा करो माता ॐ अम्बेऽऽ मांऽऽ तुम हो एक अगोचर सबकी प्राणेश्वरी मैया सबके प्राणेश्वरी किस विध मिलु दयामय किस विध मिलु दयामय तुम को मैं कुमति ॐ अम्बेऽऽ मांऽऽ दीन बन्धु दुःख हर्ता ठाकुर तुम मेरे स्वामी रक्षक तुम मेरे अपने हाथ उठाओ अपनी शरण लगाओ द्वार पड़ा तेरे ॐ जय जगदीश हरे विषय-वि...