रोग नाशक देवी मन्त्र
रोग नाशक देवी मन्त्र 🔹🔸🔹🔸🔹🔸🔹 “ॐ उं उमा-देवीभ्यां नमः” इस मन्त्र से मस्तक-शूल (headache) तथा मज्जा-तन्तुओं (Nerve Fibres) की समस्त विकृतियाँ दूर होती है – ‘पागल-पन’(Insanity, Frenzy, Psychosis, Derangement, Dementia, Eccentricity)तथा ‘हिस्टीरिया’ (hysteria) पर भी इसका प्रभाव पड़ता है । “ॐ यं यम-घण्टाभ्यां नमः” इस मन्त्र से ‘नासिका’ (Nose) के विकार दूर होते हैं । “ॐ शां शांखिनीभ्यां नमः” इस मन्त्र से आँखों के विकार (Eyes disease) दूर होते हैं । सूर्योदय से पूर्व इस मन्त्र से अभिमन्त्रित रक्त-पुष्प से आँख झाड़ने से ‘फूला’ आदि विकार नष्ट होते हैं । “ॐ द्वां द्वार-वासिनीभ्यां नमः” इस मन्त्र से समस्त ‘कर्ण-विकार’ (Ear disease) दूर होते हैं । “ॐ चिं चित्र-घण्टाभ्यां नमः” इस मन्त्र से ‘कण्ठमाला’ तथा कण्ठ-गत विकार दूर होते हैं । “ॐ सं सर्व-मंगलाभ्यां नमः” इस मन्त्र से जिह्वा-विकार (tongue disorder) दूर होते हैं । तुतलाकर बोलने वालों (Lisper) या हकलाने वालों (stammering) के लिए यह मन्त्र बहुत लाभदायक है । “ॐ धं धनुर्धारिभ्यां नमः” इस मन्त्र से पीठ की रीढ़ (Spinal) के विकार (backache)...